मुझे अब तक याद है
तेरा वो शरमाना
पलकों को उठाना
फिर उनको गिराना
मुझे अब तक याद है
तेरा छत पर आना
बालों का सुखाना
धीरे से मुस्काना
मुझे अब तक याद है
शाम का ढलना
गली से गुजरना
खत को गिराना
मुझे अब तक याद है
बारात का आना
बिदाई का होना
उस में तेरा रोना
मुझे अब तक याद है
वंदना सिंह
(कापी राईट सुरक्षित )
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