पसंद
टंडन जी के घर जोर शोर से तैयारी चल रही थी। साफ सफाई हो रही है,किचन से अच्छी खुशबू आ रही है।सब खुश नजर आ रहे थे, भला क्यूं न हों उनकी बेटी नीलू को लडके वाले देखनें जो आ रहे हैं। नीलू एक खूबसूरत पढी लिखीMNC में इंजीनियर है, कहें तो सर्वगुण सम्पन्न, संस्कारी,मृदुभाषी साथ ही स्पष्ट वादी भी ।
दोपहर १२बजे लडकेवाले आते हैं। लडका,लडके के पिता, माँ,बहन, मामा, चाचा करीब १२ लोग, सभी को आदर सहित टंडन जी बैठाते हैं घर के सदस्य आवभगत में लग जाते हैं । लडका भी पीडब्लू डी में इंजीनियर है, लडके की माँ नीलू की माँ से कहती हैं, बहन जी लडकी को बुला लीजिए ,हाँ अभी लाती हूँ और वो अंदर जाती हैं, नीलू एक हल्के नीले रंग की साडी पहने बैठी है, नीलू पहले से ही सुंदर है आज साड़ी में और सुंदर दिख रही है,मां उसे देख मुस्कराती हैं, चल बेटा वो लोग वुला रहे हैं। नीलू- मम्मी आप चलो मैं रानू के साथ आती हूं( रानू नीलू की छोटी बहन है ) पाँच मिनट के बाद नीलू रानू के साथ ड्राइंगरूम में पहुँचती है, सभी नीलू को देखते रह जाते हैं , नीलू वास्तव में फोटो से ज्यादा सुंदर है। लडके की माँ एकदम से नीलू का हाथ पकड के अपने पास बैठाती हैं, और फौरन कहती हैं भाई मुझे तो नीलू बहुत पसंद है उनके घर के सदस्य भी हां में हां मिलाते है। लडके के चाचा लडके से पूछते हैं, क्यों सुमित तुम बताओ ? सुमित थोडा अकड कर बैठता है फिर कहता है मै नीलू से कुछ पूंछना चाहूंगा ? तभी टंडन जी नीलू के पास आते है और धीरे से पूछते है, बेटा तुम्हें लडका कैसा लगा ? ये बात लडके की मां सुन लेती है, अरे भाई साहब लडकी से भी ये कोई पूछता है ? और हंसनें लगती हैं। हाँ क्यूँ नहीं मम्मी , नीलू को अपनी पसंद जाहिर करनें का उतना ही हक है जितना कि मुझे, नीलू तुम मुझे बहुत पसंद हो, पर क्या मैं तुम्हें पसंद हूँ ? सुमित के इतना पूछनें पर नीलू ने सर उठा कर सुमित को देखा और मुस्करा दी ।
वंदना सिंह
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